1. Hindi News
  2. भारत
  3. राष्ट्रीय
  4. पिछले 5 सालों में कितने विमान और हेलीकॉप्टर हादसे का हुए शिकार? सरकार ने संसद में दी पूरी जानकारी

पिछले 5 सालों में कितने विमान और हेलीकॉप्टर हादसे का हुए शिकार? सरकार ने संसद में दी पूरी जानकारी

 Published : Mar 23, 2026 06:21 pm IST,  Updated : Mar 23, 2026 06:37 pm IST

संसद में नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने ये भी बताया कि किस साल सबसे ज्यादा विमान हादसे हुए हैं। साल 2024 में तीन विमान हादसे का शिकार हुए थे।

अहमदाबाद विमान हादसा- India TV Hindi
अहमदाबाद विमान हादसा Image Source : PTI

केंद्र सरकार ने सोमवार को बताया कि पिछले पांच सालों में 23 विमान और हेलीकॉप्टर हादसे हुए। यह जानकारी नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने राज्यसभा को एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी। आंकड़ों के अनुसार, हेलीकॉप्टरों के हादसों की दर पिछले साल प्रति 10,000 उड़ान घंटों में 0.53 रही, जो पिछले पांच सालों में सबसे अधिक है। 

साल 2021 में 6 विमान हुए हादसे का शिकार

वहीं, गैर-नियोजित स्थिर पंख वाले (नॉन शिड्यूल्ड फिक्स्ड विंग ऑपरेटर) विमान की दुर्घटना दर प्रति 10,000 प्रस्थान में 0.27 रही। पिछले साल कुल छह हादसे हुए, जबकि 2024 में तीन, 2023 में चार, 2022 में चार और 2021 में छह हादसे दर्ज किए गए। 

2025 में चार हेलीकॉप्टर हुए हादसे का शिकार

पिछले साल चार हेलीकॉप्टर हादसे हुए, जबकि नियोजित ऑपरेटर (शिड्यूल्ड ऑपरेटर) और स्थिर पंख वाले (नॉन शिड्यूल्ड फिक्स्ड विंग ऑपरेटर) विमान में एक-एक हादसा हुआ। मंत्री ने पूछे गए प्रश्न के उत्तर में कहा कि नागरिक उड्डयन निदेशालय (डीजीसीए) में मानव संसाधन की कमी का सुरक्षा कार्यों पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं हुआ है। नियामक में 1,630 स्वीकृत पदों में से 780 से अधिक पद खाली हैं। 

भर्ती प्रक्रिया के तहत 167 उम्मीदवारों का चयन

राज्यसभा में बोलते हुए उन्होंने कहा, 'पिछले कुछ महीनों में भर्ती प्रक्रिया के तहत 167 उम्मीदवारों का चयन किया गया, जिनमें से 106 को नियुक्ति पत्र भी जारी किए गए। रिजर्व पैनल से 42 अधिकारियों की भर्ती के लिए यूपीएससी से अनुरोध किया गया है। 2026 के लिए विभिन्न तकनीकी कैडरों के 82 पदों के लिए सीधी भर्ती प्रस्ताव प्रक्रिया में हैं।' इसके साथ ही मोहोल ने यह भी कहा कि खाली पदों को अल्पकालिक संविदात्मक नियुक्तियों के जरिए भरा जा रहा है और डीजीसीए के पास व्यवस्थित सुरक्षा निगरानी तंत्र मौजूद है।

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। National से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें भारत